फरीदाबाद। फरीदाबाद-सूरजकुंड रोड पर स्थित जन्नत वैली फार्म हाउस के खिलाफ कुछ दिनों से मीडिया में खबर आ रही थीं कि जन्नत वैली को कभी भी ढहाया जा सकता है, कोर्ट ने व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है. इन ख़बरों से डरकर लोगों ने बुकिंग को कैंसिल कराना शुरू कर दिया था, कई लोगों ने बुकिंग कराना बंद कर दिया था, इसकी वजह से जन्नत वैली वालों को काफी नुकसान हो रहा था, आज जन्नत वैली की तरफ से एक प्रेस कांफ्रेंस की गयी जिसमें मीडिया की सभी नकारात्मक ख़बरों पर सफाई देते हुए कहा गया कि कोर्ट ने हमें कंस्ट्रक्शन करने पर रोक लगाई है, व्यावसायिक गतिविधियों पर कोई रोक नहीं लगाई, अतः बिना कोई टेंशन लिए शादियों और अन्य समारोहों के लिए फार्म हाउस की बुकिंग करा सकते हैं.
प्रेस वार्ता में कहा गया कि - बीते कुछ समय से जन्नत वैली और कुछ अन्य फार्म हाउसों को लेकर मीडिया में आई गलत खबरों के संबंध के अनुसार सूरजकुंड रोड, फरीदाबाद स्थित जन्नत वैली के साथ-साथ खालसा फार्म, योगी फार्म और ईडन गार्डन को निगम प्रशासन की तरफ तोड़ा जाएगा, जबकि ऐसा बिलकुल नहीं है। इन खबरों में इस बात की ओर भी इशारा किया गया है कि इन परिसरों में अवैध निर्माण कार्य किया गया था, जिस वजह से इन पर निगम द्वारा कार्रवाई किये जाने के आदेश जारी किये गये हैं।
इस मुद्दे पर एनाईटी 5 रोड स्थति गोल्डन ट्री होटल में एक प्रेस वार्ता का योजन किया गया जिसमे जन्नत वैली कि मैनेजिंग डायरेक्टर श्वेता शर्मा ने इससे जुड़ी सही जानकारी और कुछ अहम एवं पुख्ता कागजों के साथ मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा, जिसमें इस मुद्दे से संबंधित हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश तथा प्रशासन से स्वीकृत चीजें शामिल थी।
उन्होंने आगे कहा कि जन्नत वैली शादी और अन्य समारोह के लिए कानूनी तौर पर महफूज है और जन्नत वैली को कोर्ट कि तरफ से हमेशा से रहत मिलती आई है इसलिए हम मीडिया के सामने ये बात लाना चाहते हैं कि इस मामले की शुरूआत संभवतः दो या ढाई साल पहले हुई जब एक स्थानीय फार्म हाउस को सीएलयू यानी चेंज आफ लैंड यूज के तहत अपने परिसर में एक या दो एकड़ में पक्का ढांचा बनाने की अनुमति दी गयी थी, जो शादी-ब्याह और उससे जुड़े अन्य समारोहों तथा होटल रूम्स एवं रेस्तरां के लिए स्वीकृत थी। चूंकि जन्नत वैली और अन्य फार्म हाउस जैसे खालसा फार्म, योगी फार्म और ईडन गार्डन भी इसी क्षेत्र स्थित अपने-अपने परिसरों में शादी-ब्याह और उससे संबंधित समार¨हों का आय¨जन करते आ रहे हैं, इसीलिए हमने भी सीएलयू यानी चेंज आफ लैंड यूज के तहत अपने परिसर में पक्का ढांचा बनाने की अनुमति प्रदान किये जाने के संबंध में संबंधित प्रशासन में आवेदन किया था।
इस आवेदन के बाद एक प्रक्रिया के तहत ही हम लोगों को प्रशासन की तरफ से अभी कुछ महीने पहले एक लैटर आफ इंटेंट भी जारी हुआ था, जिसके ऐवज में आगे की कार्रवाई हेतु हमें शुल्क और जरूरी कागजात वगैरह जमा कराने के लिए कहा गया। हम ल¨गों ने एक-एक करके चीजें जमा करानी शुरू कर दी, जिसमें संबंधित जरूरी कागजों के साथ-साथ शुल्क भी शामिल था। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान परिसर में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य आरंभ भी नहीं किया गया था। लेकिन अचानक प्रशासन की तरफ से हमें सूचित किया गया कि जो लैटर आफ इंटेंट हमे दिया गया है, वह कानूनी रूप से सही नहीं है। अतः उसे निरस्त किया जा सकता है और किसी भी प्रकार के निर्माण को भी नष्ट किया जा सकता है।
इसके बाद मीडिया में खबरें कुछ इस तरह से आयी कि यह सभी फार्म हाउस या मैरिज लाउंज खतरे में हैं, क्योंकि इन्होंने कानून का उलंघन किया है, इसलीए या त¨ इन्हें त¨ड़ दिया जाएगा या बंद कर दिया जाएगा। ये भी कहा गया कि ये परिसर वन विभाग अ©र अन्य संबंधित विभागों के नियमों का उलंघन करके चलाए जा रहे हैं।
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