सरकार का कहना है कि तोड़फोड़ अभियान के दौरान सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए अफवाहें, भड़काऊ संदेश और गलत सूचनाएं फैलाए जाने की आशंका है, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है। प्रशासन को तनाव, विरोध-प्रदर्शन, भीड़ जुटने तथा सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचने की संभावना भी जताई गई है।
हालांकि आम लोगों को राहत देते हुए वॉयस कॉल, व्यक्तिगत एसएमएस, मोबाइल रिचार्ज, बैंकिंग एसएमएस, ब्रॉडबैंड और लीज लाइन इंटरनेट सेवाओं को बंदी से बाहर रखा गया है। सरकार का दावा है कि यह कदम केवल शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध केवल एनआईटी फरीदाबाद क्षेत्र के एक किलोमीटर के दायरे में लागू रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अतिक्रमण हटाओ अभियान के मद्देनज़र जिला प्रशासन और पुलिस भी पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है।
