फरीदाबाद में एक बार फिर कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है, जब पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता कितनी सुरक्षित है? 12 अप्रैल को आलमपुर गांव में डायल 112 पर सूचना मिलते ही एएसआई राजेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे थे। दो पक्षों के बीच झगड़ा चल रहा था। पुलिस हमेशा की तरह बीच-बचाव करने आई थी, लेकिन हालात अचानक खतरनाक हो गए। आरोप है कि सद्दाम और आलम ने अपनी Swift कार से एएसआई राजेंद्र सिंह को कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनकी मौत हो गई।
राजेंद्र सिंह सिर्फ एक पुलिसकर्मी नहीं थे, वो तीन छोटे बच्चों के पिता थे, एक परिवार का सहारा थे। इस मामले को लेकर आज फरीदाबाद के बीके चौक पर गौरक्षा बजरंग फ़ोर्स के अध्यक्ष बिट्टू बजरंगी के नेतृत्व में कैंडल मार्च निकाला गया, बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए, इस दौरान लोगों ने एक सुर में नारे लगाएराजेंद्र सिंह के हत्यारों को फांसी दो।
बिट्टू बजरंगी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पुलिस दिन-रात जनता की सेवा में लगी रहती है, लेकिन जब वही निशाने पर आ जाए, तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। पुलिसकर्मी का मर्डर करने वाले सद्दाम और आलम का न सिर्फ एनकाउंटर हो बल्कि उनके घर पर बुल्डोजर भी चलना चाहिए। इसके अलावा बिट्टू बजरंगी ने मांग की है मृतक ASI राजेंद्र सिंह के परिजनों को 1 करोड़ मुवावजा दिया जाय. उन्होंने कहा, ऐसे मामलों में सख्त कदम नहीं उठाए गए तो अपराधियों के हौसले और बढ़ेंगे। आपको बता दें कि ASI राजेंद्र सिंह का मर्डर करने वाले सद्दाम और आलम को फरीदाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.


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