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| Source: CPCB |
फरीदाबाद, 11 नवम्बर: सौभाग्य से हमारे शहर से हरियाणा को पर्यावरण मंत्री मिला है लेकिन दुर्भाग्य से हमारे शहर का पर्यावरण भारत का सबसे जानलेवा पर्यावरण बन गया है. प्रदूषण के मामले में हमारे शहर फरीदाबाद ने आज भी दिल्ली एनसीआर के सभी शहरों को पीछे किया है. फरीदाबाद की हवा जानलेवा बनती जा रही है, अगर प्रदूषण पर कण्ट्रोल नहीं किया गया तो वह दिन दूर नहीं जब शहर के लोग बड़े बड़े अस्पतालों में अपनी जमा-पूँजी खर्च कर रहे होंगे.
फरीदाबाद में आज PM 2.5 का लेवल 474 पहुँच गया तो दिल्ली एनसीआर के अलावा पूरे देश में सबसे अधिक है. PM 2.5 सबसे खतरनाक प्रदूषक है जिसके बढ़ने से सांसद, दमा, अस्थमा और फेंफडे के कैंसर की बीमारियाँ बढ़ने लगती हैं और जिनके अन्दर पहले से ये बीमारियाँ होती हैं उनकी जान को खतरा पैदा हो जाता है.
यह कहा जा रहा है कि दिवाली पर पटाखे जलाने से प्रदूषण बढ़ा है लेकिन दिवाली के बाद कुछ कदम भी उठाये जाने चाहिए थे, जैसे रोड पर पड़ी धुल की साफ़ सफाई, पेड़ों की धुलाई, कुत्रिम बारिश, डीजल वाले ऑटो पर कुछ दिन तक बैन, ट्रकों की आवाजाही पर बैन आदि, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं किया गया. पेड़ों की धुलाई एक दो जगह जरूर की गयी थी लेकिन इससे कुछ होने वाला नहीं है.
कुल मिलाकर कहें तो हमारे राज्य के पर्यावरण मंत्री विपुल गोयल को अपने ही शहर फरीदाबाद के पर्यावरण को बचाना सबसे बड़ी चुनौती है, अब देखते हैं कि वो इस चुनौती से कैसे निपट पाते हैं. फ़िलहाल अभी तक पर्यावरण से लड़ने को लेकर कोई बड़ा एक्शन-प्लान सामने नहीं आया है.
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