DC यानी डिप्टी कमिश्नर जिले का हेड होता है. DC ऑफिस शहर में हो रहे भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का भी काम करता है लेकिन फरीदाबाद का DC ऑफिस खुद ही भ्रष्टाचार का गढ़ है और भ्रष्टाचारियों का अड्डा है, यही नहीं इस दफ्तर के कर्मचारी लाखों रुपये घूस में कमा लेते हैं इसलिए जब इनके प्रमोशन का ऑफर आता है तो उसे ठुकरा देते हैं क्योंकि प्रमोशन के बाद इन्हें कहीं और जाना पड़ सकता है और ऊपरी कमाई से हाथ धोना पड़ सकता है, इससे बढ़िया यहाँ के कर्मचारी इसी ऑफिस में जमें रहते हैं और लाखों रुपये की ऊपरी कमाई करते रहते हैं.
यह खुलासा फरीदाबाद के एक RTI कार्यकर्ता वरुण श्योकंद ने किया है. वरुण श्योकंद कई वर्षों से फरीदाबाद में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाये हुए हैं लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिल रही है क्योंकि फरीदबाद में ऊपर से नीचे तक भ्रष्टाचार समा चुका है, नगर निगम को नरक निगम कहा जाता है, बाबुओं को रिश्वतखोरी की आदत लग चुकी है शायद यही वजह है कि स्मार्ट सिटी घोषित होने के बाद भी शहर देश के सबसे गंदे शहरों में शामिल है, यहाँ पर सड़कें बनायी जाती हैं तो रिश्वतखोरी के लिए बनायी जाती हैं इसलिए 10 साल की जगह 10 महीनें में ही टूट जाती हैं.
एक प्रेस कांफ्रेंस में वरुण श्योकंद ने कहा कि दुनिया के किसी भी ऑफिस में देखिये, हर कर्मचारी प्रमोशन चाहता है क्योंकि प्रमोशन होने से मान सम्मान मिलता है साथ ही वेतन में भी वृद्धि होती है लेकिन DC ऑफिस के कुछ क्लर्क ऐसे हैं तो प्रमोशन ही नहीं लेते. कारण यह है कि क्लर्क रहने पर इन्हें ऊपरी कमाई होती है, ये खुलकर मांग सकते हैं लेकिन हेड क्लर्क होने पर इनकी सिर्फ सैलरी बढ़ेगी और सिर्फ कागजी कार्यवाही मिलती है. जबकि क्लर्क रहते हुए यह तहसील, RC, टोकन, रजिस्ट्री और लाइसेंस जैसे कामों में जमकर घूस खाते हैं.
आरटीआई कार्यकर्ता वरुण श्योकंद का कहना है कि एक क्लर्क 10 सालों से एक ही सीट पर बैठे हैं, इनकी प्रति महीने लाखों की काली कमाई है। यह सब ब्यौरा मुझे आरटीआई से मिला। उन्होंने झूठा जवाब भी दिया कि कोई भी अधिकारी यहां सेवानिवृत्त होने के बाद कार्यरत नहीं है। जबकि यह सरासर गलत है। 2 साल पहले सेवानिवृत्त होने के बाद भी प्रेम डीसी साहब का PA बना हुआ है। डीसी फरीदाबाद पर भी लोकायुक्त ने मनरेगा में 25 करोड़ के घोटाले के आरोप सिद्ध किए हैं। अब आप क्या उम्मीद करते हैं फरीदाबाद को कौन भ्रष्टाचार मुक्त करेगा और कौन व्यवस्था सुधारेगा। भाजपा हो या कांग्रेस सबको कमाऊ पूत अच्छे लगते हैं, यही वजह है की छटे हुए अधिकारी फरीदाबाद आते हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का भ्रष्टाचार विरोधी चेहरा भी सिर्फ एक मुखोटा है।


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