नई दिल्ली, 27 जनवरी: सरकार ने किसानों के लिए कई लाभकारी योजनाएं बना रखी हैं, किसानों को 0 पर्सेंट इंटरेस्ट पर लोन दिया जाता है जिससे वे ट्रेक्टर खरीदकर खेती करते हैं और अपना परिवार पालते हैं लेकिन अब उसी ट्रेक्टर का इस्तेमाल दंगाई लोग पुलिस को कुचलने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं जो बहुत ही शर्म की बात है.
ये ट्रेक्टर या तो किसान खुद लेकर आये थे या दंगाई लोग उनसे लेकर आये थे, कई लोगों को मजबूर किया गया था ट्रेक्टर देने को, पहले ही दंगाइयों ने किसानों को फरमान सुना दिया था कि या तो ट्रेक्टर देना है या डीजल का पैसा देना है, पंजाब में तो गांव गाँव और घर घर से चंदा और ट्रेक्टर लिया गया था.
सरकार आम लोगों से टैक्स लेकर उसी पैसों को किसानों को देती है, किसानों को 0 पर्सेंट इंटरेस्ट पर लोन दिया जाता है और उसका बोझ टैक्सपेयर्स पर डाला जाता है लेकिन टैक्स पेयर के पैसे से किसानों को जो ट्रेक्टर दिया जा रहा है, उसका इस्तेमाल पुलिस को कुचलने के लिए, देश की दुनिया में बेइज्जती करने के लिए किया जा रहा है, गणतंत्र दिवस पर ट्रेक्टर मार्च निकालकर, हिंसा और दंगा करके भारत को पूरी दुनिया में बदनाम किया गया, यह बात ट्रेक्टर देने वाले किसानों को भी सोचना चाहिए, सरकार को भी सोचना चाहिए और टैक्स पेयर को भी सोचना चाहिए।
दंगाई किसानों का अब लोग नहीं कर रहे समर्थन
अब तक देश के लोग किसानों के आंदोलन का यह सोच कर समर्थन कर रहे थे कि किसान परेशान हैं इसलिए हमें उनका साथ नहीं देना चाहिए, किसी को यह नहीं पता था कि ये लोग तो लाल किले पर, जहाँ पर देश का पवित्र तिरंगा झंडा फहराया जाता है, वहां पर खालिस्तानी झंडा फहराना चाहते हैं.


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