फरीदाबाद, 1 मई: इसी हप्ते मथुरा से लौटे NIT-2 एक ऑटो ड्राइवर हरीश का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव निकला है लेकिन पत्नी और बच्चों का टेस्ट निगेटिव निकला है, ऑटो ड्राइवर हरीश का बीके हॉस्पिटल में टेस्ट कराया गया है और उसे ESI कोविड हॉस्पिटल में रखा गया है.
हरीश की पत्नी ने बताया कि हम लोग मथुरा से साथ में ही आये थे, मेरा और बच्चों का भी टेस्ट हुआ था लेकिन हमारा रिजल्ट नार्मल आया है.
पत्नी ने बताया कि हरीश को कोरोना का कोई लक्षण नहीं है, उसे कोई जुखाम, खांसी और बुखार नहीं है. उन्होने बताया कि हमें 28 दिनों के लिए घर में बंद कर दिया गया है, हमारे यहाँ ना तो राशन है, ना सब्जी है और ना ही दूध है. हम दो दिन पहले ही मथुरा से आये थे और किसी चीज की व्यवस्था नहीं कर पाए थे.
प्रशासन को चाहिए कि इस परिवार की मदद की जाए और घर चलाने के लिए जरूरी खाद्य सामान प्रदान किया जाए. एड्रेस - NIT-2, 2CJK - 267.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना संक्रमण दो तरह के लोगों को होता है, किसी में संक्रमण में कुछ दिनों बाद जुखाम, खांसी, बुखार और सांस लेने में समस्या पैदा होती है. अन्य लोगों में कोई लक्षण नहीं दिखते जिन्हें वैज्ञानिक भाषण में Asymptomatic कहा जाता है, ऐसे लोगों के अंदर भले ही कोरोना के लक्षण नहीं होते लेकन ये लोग दूसरों में कोरोना संक्रमण फैला सकते हैं. इसलिए दोनों तरह के लोगों का इलाज करके उन्हें ठीक किया जाता है. Asymptomatic लोग आइसोलेशन में रखकर ठीक किये जाते हैं. इसलिए कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट होने पर डरना नहीं चाहिए और डटकर बीमारी का सामना करना चाहिए।


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