फरीदाबाद, 12 अक्टूबर: जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान और वरिष्ठ वकील एल एन पाराशर ने बाबा रामदेव को सलाह दी है कि अरावली पर उन्होंने अपने आदमियों के जरिये जो जमीन कब्जाई है उसे छोड़ दें और अरावली का चीरहरण ना करें, वरना मजबूरन मुझे उनके खिलाफ कार्यवाही करनी पड़ेगी और सुप्रीम कोर्ट में उनके खिलाफ रिट डालनी पड़ेगी..
वकील पाराशर ने बताया कि बाबा रामदेव ने अपने आदमियों के जरिये करीब 1200 एकड़ जमीन पर कब्जा किया है, जिस प्रकार से अन्य कब्जाखोरों ने लालच वश अरावली पर कब्जा कर लिया उसी लालच में बाबा रामदेव भी पड़ गए लेकिन उनके पास अभी भी समय है, उन्होंने योगा में देश का नाम रोशन किया है इसके लिए हमें उनपर गर्व है लेकिन अरावली पर उन्होंने जो भी कब्जा किया है वह सही नहीं है और इंसानियत के खिलाफ है.
एल एन पाराशर ने कहा कि जंगल जानवरों के लिए होते हैं, वहां पर पेड़ लगाए जाने चाहिए लेकिन पेड़ काटे जा रहे हैं और बाबा रामदेव जैसे लोग भी ऐसा कर रहे हैं, अब चाहे बाबा रामदेव हों या अम्बानी, मैं इसके खिलाफ मैदान में उतरूंगा और अवैध कब्जा करने वालों पर कार्यवाही करवाऊंगा.
वकील पाराशर ने कहा कि अरावली पर अवैध कब्जाखोरों ने अवैध फार्म हाउस बना रखे हैं लेकिन प्रशासन ऑंखें मूंदकर सो रहा है, वहां अंडरग्राउंड होटल भी बना हुआ है, मुझे इस बात का आश्चर्य है कि वन विभाग, प्रशासन, नगर निगम कहाँ चला गया है. देखिये वीडियो.


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