ओल्ड फरीदाबाद की बसेलवा कॉलोनी में करीब 10 दिन पहले चाकुओं से किए गए हमले में गंभीर रूप से घायल 21 वर्षीय सतीश आखिरकार जिंदगी की जंग हार गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जिस बेटे के ठीक होकर घर लौटने की उम्मीद में परिवार अस्पताल के चक्कर काट रहा था, उसकी मौत की खबर ने माता-पिता को तोड़कर रख दिया। अब परिवार की मांग है कि सतीश पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और उन्हें इंसाफ मिले।
परिजनों के मुताबिक, सतीश करीब 10 दिन पहले रात लगभग आठ बजे चाउमीन खाने के लिए घर से निकला था। वह दुकान के पास बैठा हुआ था, तभी स्कूटी और पैदल आए कुछ युवकों ने उस पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में सतीश के पैर और कमर समेत शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। गंभीर हालत में सतीश को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी।
परिवार ने आरोप लगाया कि इस वारदात के पीछे पैसों का विवाद और पुरानी रंजिश हो सकती है। परिजनों का दावा है कि हमलावरों को सतीश के पास पैसे होने की जानकारी थी और वे पैसे छीनने के इरादे से आए थे। परिवार ने राहुल ठाकुर, अरुण, तरुण और युवराज और उनके साथियों पर हमला करने के आरोप लगाए हैं
परिजनों के अनुसार, सतीश को पहले सेक्टर-19 स्थित सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया था। बाद में उसे दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिवार का दावा है कि उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और संक्रमण फैलने के कारण उसका पैर भी काटना पड़ा। करीब 10 दिन तक इलाज चलने के बाद सतीश ने दम तोड़ दिया।
सतीश की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि सतीश महज 21 साल का था और परिवार का इकलौता बेटा था। जिस बेटे से घर को उम्मीदें थीं, आज उसी के लिए परिवार इंसाफ की गुहार लगा रहा है। नीचे देखिये पूरा वीडियो।


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